क्या जनतंत्र क्या गणतंत्र, हम है स्वतंत्र
क्या जनतंत्र क्या गणतंत्र, हम है स्वतंत्र डा० जी० भक्त जनतंत्र या गणतंत्र, परतंत्र नही हम है,सदा स्वतंत्र है मानव, मन के जानते मर्म हैसुख-दुख में एक साथ काटते है…
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क्या जनतंत्र क्या गणतंत्र, हम है स्वतंत्र डा० जी० भक्त जनतंत्र या गणतंत्र, परतंत्र नही हम है,सदा स्वतंत्र है मानव, मन के जानते मर्म हैसुख-दुख में एक साथ काटते है…
सारदौत्यव (वसन्त पंचमी) के अवसर पर विनम्र अर्चना डा० जी० भक्त हे शारदा ! हे सरस्वती !! हे भगवती, भारती नमस्तुते।तेरी महिमा है अपार हे विद्यादायिनी पुस्तक हस्ते ।।जग को…
2026 चिन्तन साल 2026 पर डा० जी० भक्त गया दिसम्बर आयी, जनवरी।कितनी शीत इस पर पड़ रही।।दोनों मास के दिन एकतीस ।तब तो आया साल छब्बीस ।।कभी न देखा इतना…
नव वर्ष में हम कहाँ डा० जी० भक्त नये वर्ष का हर्ष नया, कुछ सोच नयी, कुछ ख्याल नया।उत्कर्ष नया, स्पर्श नया, कुछ हाल नया, उत्साह नया ।।जीवन की चाह…
ईश्वराराधन व्रत और त्योहार क्या इससे पाता मुक्ति संसार डा० जी० भक्त जीवन और जगत दोनों में चलता मारा-मारी।जब मानस से गुजरे अंधकार हीं काली।।इसको कहते है अज्ञानी और पीटते…
दशहारा, नवरात्रा, शारदीय नवरात्रा अथवा दुर्गा पूजा व्रत त्योहार यादगार या उत्सव श्रद्धांजलि हो।एक भाव है स्नेह जताना सृष्टि या प्रकृति हो।।संस्कृति माने या अतीत स्नेह जता कर गाये गीत।जीवन…